Sorting by

×




धीरज धर्म मित्र अरु नारी,
आपद काल परिखिअहिं चारी। मतलब- धैर्य, धर्म, मित्र और स्त्री- इन चारों की विपत्ति के समय ही परीक्षा होती है। श्रीरामचरित मानस की ये चौपाई अयोध्या कांड की है। राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को इसी चौपाई के जरिए चढ़ावा चोरी कांड पर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने X पर रामभक्तों के नाम एक चिट्‌ठी लिखी और उसमें धैर्य, धर्म, मित्र और परीक्षा का दर्द बयां किया। चंपत राय ने मंदिर ट्रस्ट, विश्व हिंदू परिषद और अपने सहयोगियों को संदेश दिया- ‘संकट के समय कौन साथ खड़ा रहता है और कौन नहीं, इसकी परीक्षा हो रही है।’ उन्होंने कहा- SIT की अंतिम रिपोर्ट के बाद सभी सवालों के जवाब दूंगा और सत्य सामने आएगा। लोगों से धैर्य रखने की अपील की। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) रिपोर्ट को ‘परम गोपनीय’ कहकर उन लोगों पर भी सवाल उठाए, जिन्होंने 6 जुलाई को अयोध्या में ट्रस्ट की बैठक के बाद लीक कर दी। ये समय का फेर है, जो चंपत राय आज से 1 महीना पहले राम मंदिर के सर्वेसर्वा थे, उन्हें अब किनारे लगा दिया गया है। ट्रस्ट से बाहर होना पड़ा। शक की नजर से देखा जाने लगा। स्थिति कुछ ऐसी हुई कि उन्हें मौन धारण करना पड़ा है। पढ़िए चंपत की रामभक्तों के नाम पाती और उसके मायने… चंपत राय को क्यों लिखनी पड़ी चौपाई, समझिए… 7 जून को चढ़ावा चोरी की बात सामने आने के बाद से चंपत राय विपक्ष के निशाने पर हैं। वे उन लोगों के भी निशाने हैं, जिन्होंने राम मंदिर को बहुमूल्य चीजें दान की थीं। मंदिर ट्रस्ट में भी कई लोग उनके खिलाफ हो चुके हैं। यही वजह है कि उन्हें श्रीरामचरित मानस की चौपाई से अपनी वेदना जाहिर करनी पड़ी। धीरज- चंपत राय कहना चाहते हैं कि इस मामले में धीरज रखिए। जल्दबाजी में निष्कर्ष न निकालिए। अंतिम जांच रिपोर्ट आने दीजिए। अपनी चिट्ठी में वह कहते हैं- एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद वह सभी आरोपों को एक तरफ से जवाब देंगे। धर्म- राम मंदिर से करोड़ों लोगों की आस्था है। विपक्ष धार्मिक जगह पर अधर्म होने का आरोप लगा रहा है। चंपत राय ने नैतिक रूप से जिम्मेदारी लेते हुए अपना इस्तीफा दिया। वह कहना चाहते हैं कि मामले में दोषियों को कठोर दंड मिले, लोगों का विश्वास लौटे। मित्र- सबसे ज्यादा इसी की चर्चा है। हालांकि चंपत राय ने अपनी चिट्ठी में किसी मित्र का नाम नहीं लिखा है। लेकिन जो लोग चंपत को जानते हैं, वह कहते हैं- चंपत के खास मित्रों में अनिल मिश्रा और ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव हैं। दोनों ने ही धोखा दिया। टिन्नू जेल में है। अनिल पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। नारी- फिलहाल नारी से चंपत राय का कोई वास्ता नहीं है। वह अविवाहित हैं। 19 लाइन की हस्तलिखित चिट्‌ठी, सबसे ऊपर ऊं चंपत राय ने अपनी 19 लाइन की हस्तलिखित चिट्ठी में सबसे ऊपर ओम (ऊं) लिखा है। इसके बाद लिखा- चंपत राय की पाती रामभक्तों के नाम। अगली लाइन में लिखा- पिछले 7 जून, 2026 से, श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की कथित चोरी के सम्बन्ध में अनेक प्रकार की चर्चाएँ चल रही हैं। व्यक्तिगत मेरे ऊपर अनेकों अनर्गल आरोप लगाए हैं, मैंने मौन धारण कर लिया है, क्योंकि ट्रस्ट की 6 जुलाई की समीक्षा बैठक में SIT की प्रारम्भिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है। यद्यपि यह “परम गोपनीय” थी, आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद, फैलाए जा रहे सभी दुष्प्रचारों पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा, सभी सत्य सामने आ जाएगा। मैं वर्ष अक्टूबर, 1991 से अयोध्या में भेजा गया संगठन द्वारा, मेरा प्रचारक जीवन 45 वर्ष से, जहां-जहां मैं रहा, खुली पुस्तक के समान है। सभी को आदरपूर्वक नमन्।। — चंपत राय
6 जुलाई, 2026
(अयोध्या) चंपत राय का आरोप- अनिल मिश्रा ने बैंक के साथ करार किया राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को चंपत राय ने जो जवाब दिए थे, वो सामने आ गए हैं। लेटर पर चंपत राय के साइन बताए जा रहे हैं। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं है। अपने जवाब में चंपत राय ने ट्रस्ट के सदस्य रहे अनिल मिश्र पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही बैंक के साथ हुए MOU, दिशा-निर्देशों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े किए हैं। चंपत राय की बड़ी बातें- MOU पर सवाल: बैंक के साथ हुए MOU की जानकारी मुझे नहीं थी, इस पर मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं।
अनिल मिश्रा पर आरोप: मेरी जानकारी के बिना बैंक के साथ करार किया गया।
6 फरवरी 2025 का पत्र: इस दिशा-निर्देश पत्र पर मेरे हस्ताक्षर नहीं हैं, इसकी जानकारी 13 जून 2026 को मिली।
पुराने सभी समझौतों पर हस्ताक्षर: अगस्त 2020 से जून 2026 तक के अन्य बैंक अनुबंधों पर मेरे हस्ताक्षर मौजूद हैं।
सुरक्षा नियमों का उल्लंघन: गणना के दौरान बैंक ने तय सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया।
बिना जेब वाली ड्रेस नहीं: कैश गिनने वाले कर्मचारियों को बिना जेब वाले कपड़े पहनाने का नियम लागू नहीं हुआ।
हाउसकीपिंग स्टाफ पर आपत्ति: बैंक ने गणना कार्य में हाउसकीपिंग स्टाफ लगाया, जो नियमों के खिलाफ था।
बैंक अधिकारियों पर सवाल: या तो अधिकारियों को नियमों की जानकारी नहीं थी या जानबूझकर अनदेखी की गई।
CCTV और सुरक्षा व्यवस्था अधूरी: MOU के मुताबिक CCTV, लोहे के दरवाजे और अन्य सुरक्षा इंतजाम होने थे, लेकिन लागू नहीं किए गए।
बैंक से जवाब मांगा: सुरक्षा मानकों में हुई लापरवाही पर बैंक अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। गोविंद देव गिरि बोले- चंपत राय निर्दोष हैं राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर मंगलवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने खुलकर अपनी बात रखी। कहा- मैं जब ये कहता हूं कि वे (चंपत राय) निर्दोष हैं, तो मेरा मतलब है कि इस पूरे कांड के साथ उनका कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। लेकिन वे खुद सावधान नहीं रहे। उन्होंने एक अपराधी को अपना ड्राइवर रखा था। उसके पास चाबियां थीं। सब कुछ वही कंट्रोल करता था। उनके ड्राइवर ने ही यह सब किया। मुझे आशंका है कि ड्राइवर बाहरी लोगों से जुड़ा था। यह सब CEO नहीं होने की वजह से हुआ। इसलिए हम एक CEO लाएंगे। ———————– यह खबर भी पढ़िए… चंपत के इस्तीफे के खिलाफ थे ज्यादातर सदस्य:ट्रस्ट के संविधान के कारण मंजूर हुआ; गोपाल राव को देखते ही कोषाध्यक्ष बोले- हटो यहां से
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि बैठक में शामिल होने राम मंदिर परिसर पहुंचे। गाड़ी से उतरते ही उनकी नजर यात्री सुविधा केंद्र के बाहर खड़े गोपाल राव पर पड़ी। वह ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य हैं। गोविंद देव उन्हें देखकर नाराज हुए। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *