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शामली में देश बचाओ मोर्चा ने बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार (फ्री ट्रेड) समझौते को तत्काल रद्द करने की मांग की गई। संगठन ने इस समझौते को किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और लघु उद्योगों के हितों के खिलाफ बताया है। मोर्चा ने अपने ज्ञापन में कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड समझौता किसानों के लिए “डेथ वारंट” साबित होगा और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मांग पर ध्यान नहीं दिया, तो देश बचाओ मोर्चा लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से देशव्यापी जनआंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा। भारतीय किसान यूनियन चढूनी शामली जिला अध्यक्ष निखिल खेवाल ने अपनी छह सूत्रीय मांगों में किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने और उन्हें कर्जमुक्त करने की मांग भी शामिल की। 5000 रुपये प्रतिमाह शामिल इसके अतिरिक्त, सभी असंगठित मजदूरों का ई-श्रम सहित सरकारी पोर्टलों पर पंजीकरण सुनिश्चित करने और उन्हें न्यूनतम मजदूरी का लाभ दिलाने की मांग भी उठाई गई। अन्य मांगों में वृद्धावस्था और विधवा पेंशन की राशि बढ़ाकर 5000 रुपये प्रतिमाह करना शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, सिंचाई और विद्युत जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करने तथा कृषि के लिए खाद, बीज, डीजल, बिजली और सिंचाई की लागत कम करने हेतु ठोस कदम उठाने की भी अपील की गई है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान में किसान, मजदूर, बेरोजगार युवा, छोटे व्यापारी और आम नागरिक कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कृषि लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आधारभूत सुविधाओं की कमी भी एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है।देश बचाओ मोर्चा के जिला अध्यक्ष ठाकुर हुसैन चौहान ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि राष्ट्रपति किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर केंद्र और राज्य सरकारों को आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित करेंगी। कार्रवाई की अपेक्षा जताई ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी को भी सौंपकर मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई। देश बचाओ मोर्चा के जिला अध्यक्ष ठाकुर हुसैन चौहान ने कहा कि संगठन को उम्मीद है कि राष्ट्रपति किसानों, मजदूरों और आम नागरिकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर केंद्र और राज्य सरकारों को आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित करेंगी। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी को भी सौंपकर मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।
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