Sorting by

×




मुजफ्फरनगर में मंगलवार को एक ओर श्रावण मास की कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है, तो दूसरी ओर चेहल्लुम के मातमी जुलूस को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। दोनों धार्मिक आयोजन एक ही मार्ग से गुजरने के कारण सुरक्षा व्यवस्था इस बार सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए पुलिस ने पूरे रूट को दो अलग-अलग कॉरिडोर में विभाजित कर दिया है। मार्ग के बीचों-बीच करीब 10-10 फीट ऊंचे टेंट के पर्दे लगाए गए हैं, ताकि एक ओर से शिवभक्त कांवड़िए अपनी यात्रा जारी रखें और दूसरी ओर से शिया समुदाय का चेहल्लुम का मातमी जुलूस शांतिपूर्वक निकल सके। हर गतिविधि पर रखी जा रही नजर पूरे रूट पर भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारी तैनात हैं। ड्रोन, सीसीटीवी और लगातार मॉनिटरिंग के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों धार्मिक आयोजनों को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गौरतलब है कि चेहल्लुम हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाने वाला मातमी पर्व है, जिसे शांति, श्रद्धा और गम के साथ मनाया जाता है। वहीं कांवड़ यात्रा में लाखों शिवभक्त हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। ऐसे में मुजफ्फरनगर में आज सुरक्षा व्यवस्था की कड़ी परीक्षा मानी जा रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *