Sorting by

×


नई दिल्ली8 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इलाहाबाद के पूर्व जिला जज की जल्द सुनवाई की मांग खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि पद के आधार पर किसी को प्राथमिकता नहीं मिल सकती। संविधान हर व्यक्ति को समान रूप से न्याय तक पहुंच का अधिकार देता है।

याचिका पूर्व जज राकेश कुमार नैन ने लगाई थी। जिसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट में पेंडिंग रिट याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई थी। जस्टिस नैन को सेवा से बर्खास्त कर दियाग गया है।

हालांकि सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने उन्हें हाईकोर्ट में ही जल्दी सुनवाई की मांग रखने की छूट दी।

भ्रष्टाचार के आरोप में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था

राकेश कुमार नैन अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाले स्पेशल जज थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक कदाचार और भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी पाया था।

इसके बाद नैन को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने बर्खास्तगी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। यह याचिका अब भी पेंडिंग है।

सुनवाई में देरी से परेशान होकर नैन ने सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की। बेंच ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया।

बेंच की 3 टिप्पणियां…

  • अगर देरी के बेहद गंभीर आरोप नहीं हैं, तो सिर्फ पूर्व न्यायिक अधिकारी होने के कारण याचिकाकर्ता के प्रति ‘गलत सहानुभूति’ नहीं दिखाई जा सकती।
  • मौजूदा बेंच ‘अवसरवादी दखल’ रोकने की पूरी कोशिश करेगी। यह दलील संविधान के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
  • हर नागरिक को उसके पद या स्थिति की परवाह किए बिना न्याय तक पहुंच का अधिकार है। संवैधानिक समानता के इस क्षेत्र में कोर्ट व्यक्तिगत आधार पर किसी के लिए अलग हस्तक्षेप नहीं करेगा।

———————————–

ये खबर भी पढ़ें…

सुप्रीम कोर्ट का TMC के 4 अकाउंट्स अनफ्रीज करने से इनकार: कलकत्ता हाईकोर्ट से कहा- जल्द सुनवाई करें

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) को उन चार बैंक अकाउंट्स को ऑपरेट करने की इजाजत देने से इनकार कर दिया, जिन्हें पश्चिम बंगाल पुलिस ने साइबर क्राइम की शिकायत के सिलसिले में फ्रीज कर दिया था। पढ़ें पूरी खबर…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *