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नई दिल्ली में 24 सितंबर को मोदी सरकार के पूरे मंत्रिपरिषद के चिंतन शिविर में सरकारी योजनाओं की 100% पहुंच पर चर्चा हुई। मंत्रियों ने योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंचाने और जनकल्याण के कामों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर विचार किया। लगातार दूसरे दिन मंत्री आठ समूहों में बंटे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर समूह से बातचीत की और सभी मंत्रियों को भी संबोधित किया। सरकार की करीब 40-45 कल्याणकारी योजनाएं हैं। बैठक में इन सभी योजनाओं को वास्तविक लाभार्थियों तक 100% पहुंचाने के तरीकों पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। चिंतन शिविर में कल्याणकारी योजनाओं और विकास से जुड़े दूसरे कदमों की जानकारी लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में जनता से प्रभावी संवाद पर सरकार जोर देगी। पहले दिन शासन और सुधारों पर चर्चा सूत्रों के मुताबिक, मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन बुधवार को शासन, सुधार और कल्याणकारी व विकास योजनाओं को महिलाओं और युवाओं तक पहुंचाने समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मंत्रियों ने अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों के बीच बेहतर तालमेल से सरकारी कामकाज की व्यवस्था सुधारने पर भी विचार किया। प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से फीडबैक लिया। उन्होंने सरकार के अलग-अलग कामों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर उन्हें सलाह भी दी। मंत्रियों ने शासन, सुधार और महिलाओं व युवाओं तक कल्याणकारी तथा विकास योजनाओं की पहुंच से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक के दूसरे मुद्दे मंत्रियों ने ‘जन विश्वास से जन आधार’, सरकार के सभी क्षेत्रों में सुधार और विकसित भारत@2047 की प्राथमिकताओं पर भी विचार किया। दो दिवसीय विचार-विमर्श का उद्देश्य सरकारी कामकाज की समीक्षा, तालमेल सुधारना और भविष्य की कार्ययोजना तैयार करना है। इसमें कल्याणकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर चल रहे काम की समीक्षा भी शामिल है। विकसित भारत की तैयारी 2021 से चल रही है। लक्ष्य हासिल करने के लिए सचिवों के 10 क्षेत्रीय समूह बनाए गए हैं। इन समूहों को छोटी और लंबी अवधि की योजनाएं तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। इस प्रक्रिया के लिए अलग-अलग पक्षों से बड़े स्तर पर सुझाव भी लिए गए हैं। इसके बाद अब तक मंत्रिपरिषद के सामने विकसित भारत@2047 के अलग-अलग पहलुओं पर आठ प्रस्तुतियां और चर्चाएं हो चुकी हैं। सूत्रों ने कहा कि मौजूदा चिंतन शिविर इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है। इसमें सचिवों के समूहों, मंत्रालयों, विभागों, कैबिनेट सचिवालय और NITI आयोग के काम को साथ लाया जा रहा है। इसमें सुधार, जीवन को आसान बनाना, नियमों का बोझ घटाना और शासन से जुड़ी दूसरी प्राथमिकताएं शामिल हैं। शिविर के एजेंडे में ये मुद्दे भी सम्मेलन के एजेंडे में सरकारी योजनाओं की प्रगति, नीतियों को लागू करना, समय प्रबंधन, मंत्रालयों के बीच तालमेल और लोगों को सरकारी सेवाएं देना शामिल है। प्रधानमंत्री अलग-अलग क्षेत्रों में सुधार पर जोर देते रहे हैं। उन्होंने पहले भी कैबिनेट सहयोगियों से कहा है कि लोगों की समस्याएं दूर करना और जीवन आसान बनाना सरकार का मुख्य लक्ष्य होना चाहिए। ऐसा ही एक आयोजन 21 अक्टूबर 2021 को हुआ था। उस समय चर्चा का केंद्र शासन और नीतियां बनाना था। इस पहल का उद्देश्य मंत्रियों को सरकार के सामने आने वाली समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने में मदद करना है। हाल के समय में मंत्रियों और मंत्रालयों को कई निर्देश दिए गए हैं। इनमें मंत्रालयों की गतिविधियों के लाइव डैशबोर्ड बनाने, प्रगति की समीक्षा करने और सभी कर्मचारियों से बातचीत कर सुझाव लेने के निर्देश शामिल हैं। इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से मंत्रालयों और विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों को लोगों के लिए ज्यादा आसान बनाने को कहा था।
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