मुंबई26 मिनट पहले
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स्टूडेंट की मौत के बाद कैंपस में मुंबई पुलिस तैनात है।
IIT बॉम्बे में स्टूडेंट साहिल रविंद्र वाकोडे की आत्महत्या के मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण डल्ला पर FIR दर्ज की गई है। साहिल के पिता ने प्रोफेसर पर बेटे को करीब 3 महीने से जातिसूचक गालियां देने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
साहिल के पिता ने अपनी शिकायत में IIT बॉम्बे के डायरेक्टर श्रीशिश बी. केदारे, कुछ फैकल्टी मेंबर्स और सीनियर अधिकारियों के नाम भी दिए हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डायरेक्टर के निर्देश पर साहिल का उत्पीड़न किया गया। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले की जांच अब मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है।
साहिल 22 साल का था और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकंड ईयर BTech का छात्र था। वह 18 सितंबर की शाम IIT बॉम्बे के हॉस्टल नंबर-4 स्थित अपने कमरे में मृत मिला। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। यह IIT बॉम्बे में 7 महीने के भीतर आत्महत्या का तीसरा मामला है। वहीं देशभर के IIT में इस साल 9 छात्रों ने सुसाइड किया है।

IIT बॉम्बे का दावा- एग्जाम में फोन से नकल करते पकड़ा गया था साहिल
IIT बॉम्बे के मुताबिक, सुसाइड से पहले साहिल एग्जाम देने गया था। इस दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते पकड़ा गया था। संस्थान ने बताया कि उसने परीक्षा के पेपर को ChatGPT पर अपलोड कर सवालों के जवाब लेने की कोशिश की थी।
संस्थान के अनुसार, साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इंस्ट्रक्टर और डिपार्टमेंट हेड ने उससे बात की और काउंसिलिंग की। उसे भरोसा दिलाया गया कि इस घटना का उसके एकेडमिक करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद शाम 4 बजे साहिल हॉस्टल लौट गया था। देर रात हॉस्टल में उसका शव फंदे से लटका मिला।
घटना के बाद छात्रों का प्रदर्शन, 3 तस्वीरें…

साहिल की मौत के बाद 18 सितंबर की रात IIT बॉम्बे कैंपस में छात्रों ने प्रदर्शन किया था।

19 सितंबर को लगातार दूसरे दिन छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।

शनिवार को साहिल की मां भी मुंबई पहुंचीं। उन्होंने मीडिया से कहा- मुझे न्याय चाहिए।
20 साल में 160 IIT छात्रों ने आत्महत्या की
साहिल की मौत से IIT में छात्रों की आत्महत्याओं पर बहस फिर तेज हो गई है। ग्लोबल आईआईटी एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में 160 IIT छात्रों ने आत्महत्या की है, जिनमें 43% मामले पिछले 5 साल में सामने आए।
2025 में सबसे ज्यादा 16 मामले दर्ज हुए, जबकि 2026 में सितंबर तक 9 आत्महत्याएं सामने आईं। सर्वे में IIT के हर 10 में 6 से ज्यादा छात्रों ने अकादमिक तनाव को सुसाइड का सबसे बड़ा दबाव माना। इसका हिस्सा 61% है, अन्य 4 कारण मिलाकर 39% ही हैं। एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक बड़ी संख्या में मामले परीक्षाओं के आसपास सामने आते हैं।


सरकार की सिफारिश- 1 हजार छात्रों पर 1 काउंसलर
शिक्षा मंत्रालय ने 2024 में 1,000 छात्रों पर 1 काउंसलर का लक्ष्य रखा था, लेकिन IIT खड़गपुर में प्रति काउंसलर करीब 1,500, दिल्ली में 1,214 और कानपुर में 1,058 छात्र थे।


छात्रों के प्रदर्शन के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाली गईं
घटना के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बाद में डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे ने छात्रों से मुलाकात की।
छात्रों के विरोध के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई हैं। संस्थान ने छात्र की मौत पर गहरा दुख जताया है और मामले की जांच की जा रही है।

IIT बॉम्बे में स्टूडेंट वेलनेस सेंटर मौजूद
IIT बॉम्बे में छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर (SWC) मौजूद है। यहां छात्र पर्सनल काउंसलिंग और तनाव से निपटने में मदद ले सकते हैं। इसके लिए wellness@iitb.ac.in पर ईमेल या 022-2576-9070 पर फोन करके समय लिया जा सकता है।
अगर कोई छात्र बात-बात पर चिड़चिड़ा हो रहा है, पढ़ाई छोड़ रहा है, खुद को कमरे में बंद रखता है, कम खाता-सोता है या हमेशा निराशा भरी बातें करता है, तो यह भारी मानसिक तनाव की निशानी है।

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