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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ में बड़े खुलासे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, अविनाश ने स्वीकार किया कि दान चोरी का बड़ा हिस्सा परिवार, दोस्तों और अपने शौक पर खर्च किया। परिवार और दोस्तों पर करीब 19 लाख रुपए खर्च क

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भाई की शादी पर करीब 6 लाख रुपए खर्च किए, दूसरे भाई को 5-6 लाख रुपए दिए। गर्लफ्रेंड को iPhone गिफ्ट दिया, साथ ही 2.5 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए। जांच एजेंसियां अब इस लेन-देन, बैंक खातों और संपत्तियों की पड़ताल कर रही हैं।

जिन लोगों को रुपए ट्रांसफर किए, उनसे वसूली होगी

अविनाश ने करीब 3.5 लाख रुपए देकर लोन पर एक ब्रेजा कार खरीदी थी। इसे पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है। इसके अलावा कई अन्य लोगों को भी छोटी-छोटी रकम देने की बात जांच में सामने आई है।

पुलिस ने अविनाश के दोनों भाइयों से पूछताछ कर कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं। साल- 2024 में भाई अभिषेक शुक्ला के नाम खरीदी गई जमीन और संबंधित बैंक खातों की भी जांच की जा रही है। लोगों को भेजी गई रकम की वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

आरोपी अविनाश शुक्ला की ब्रेजा कार पुलिस ने बरामद कर ली है।

आरोपी अविनाश शुक्ला की ब्रेजा कार पुलिस ने बरामद कर ली है।

20.39 लाख नकद, 1121 डॉलर और जेवर बरामद

पुलिस ने अविनाश शुक्ला से अब तक 20.39 लाख रुपए, 1121 अमेरिकी डॉलर (करीब 1.06 लाख रुपए), सोने-चांदी के जेवर और अन्य कीमती सामान बरामद किए हैं। 28 जून को पुलिस ने अयोध्या में अविनाश शुक्ला के योग सेंटर पर छापा मारा था। यहां से ‘रामराज्य कोष’ लिखा एक संदूक बरामद किया। इस पर पेटीएम का क्यूआर कोड भी लगा था। पुलिस को परिसर से राम मंदिर से जुड़े कई दस्तावेज और पुस्तकें भी मिली थीं।

सूत्रों के अनुसार, अविनाश के भाई अभिषेक ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा से एक बार पैसों के स्रोत के बारे में पूछा था। आरोप है कि अनुकल्प ने टालमटोल भरा जवाब देते हुए इस विषय में आगे पूछताछ न करने के लिए चेतावनी दी थी।

यह तस्वीर 5 जून की है, जब चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश के घर पर ट्रस्ट के सुरक्षाकर्मियों ने रेड डाली थी। दावा किया गया कि घर से कैश बरामद हुआ। इसे बैग में भरकर ले गए थे

यह तस्वीर 5 जून की है, जब चढ़ावा चोरी के आरोपी अविनाश के घर पर ट्रस्ट के सुरक्षाकर्मियों ने रेड डाली थी। दावा किया गया कि घर से कैश बरामद हुआ। इसे बैग में भरकर ले गए थे

5 जून को घर से कैश बरामद हुआ था

अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित योग केंद्र की तलाशी के दौरान पुलिस को राम मंदिर से जुड़े कई दस्तावेज और पुस्तकें मिलीं। इससे पहले 5 जून को ट्रस्ट के सुरक्षाकर्मियों ने अविनाश के घर पर छापेमारी की थी। इसमें दावा किया गया था कि वहां से नकदी बरामद हुई थी। बताया गया कि बरामद कैश को सुरक्षाकर्मी बैग में भरकर अपने साथ ले गए थे। अब अविनाश से मिले दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच कर पुलिस मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

योग केंद्र के कर्मचारी बोले- डेढ़ साल पहले आया था अविनाश

योग केंद्र में काम करने वाले शिवसुंदर लाल ने कहा- अविनाश शुक्ला और अभिषेक शुक्ला, दोनों भाई हमारे साथ पिछले काफी समय से जुड़े थे। अभिषेक यहां करीब 10 साल से रह रहा था। क्योंकि, वह पूज्य गुरुजी के समय से यहां था। उनकी सेवा करता था। अविनाश भी पिछले करीब डेढ़ साल से अपने भाई के साथ यहां आकर रहने लगा था।

जब पता चला कि अविनाश की नौकरी राम मंदिर में लग गई है, तो हमें बहुत खुशी हुई थी। वह रोज सुबह समय पर काम के लिए निकलता था और शाम को लौट आता था। उसका व्यवहार हमेशा बहुत शांत, विनम्र और सामान्य रहा। उसने कभी ऐसा कोई संकेत नहीं दिया, जिससे किसी को उस पर कोई शक हो।

लेकिन जब 5 तारीख को पुलिस यहां आई और तलाशी के दौरान यहां से पैसों के बैग बरामद होने की बात सामने आई, तो हम सब स्तब्ध रह गए। हमें इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि वह ऐसे किसी गैरकानूनी काम में शामिल हो सकता है। जैसे ही यह बात सामने आई और मामला मीडिया में आया, हमने तुरंत कड़ा रुख अपनाया।

संस्थान की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए अगले ही दिन (6 जून) हमने उनके परिवार से साफ कह दिया कि वे यहां से अपनी व्यवस्था कहीं और कर लें, यहां न रहें। जो भी दोषी है, उसे कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। हम पूरी तरह जांच में सहयोग कर रहे हैं।

योग केंद्र की ट्रेनर बोलीं- वीडियो सामने आया तो अविनाश को जाने के लिए कहा

श्याम साधनालय योग केंद्र की योग प्रशिक्षक सीमा तिवारी ने बताया- अविनाश शुक्ला पिछले डेढ़ साल से यहीं रहता था। उसका भाई अभिषेक 10 साल पहले से यहां रहता था। डॉ. चैतन्य का योग सेंटर है। ऐसे बहुत से लड़कों को गुरुजी ने पढ़ाया-लिखाया, उनकी सारी जिम्मेदारी ली। उन्हें शरण दी और उन्हीं में से एक अभिषेक भी था। 4-5 साल पहले उसकी नौकरी प्राइमरी स्कूल में लग गई थी।

उन्होंने बताया- अभिषेक अपने भाई को लेकर आया। बताया कि उसकी नौकरी राम मंदिर में लग गई है। अब सुनने को मिल रहा है कि उसका नाम गबन में आया है। हम लोग शॉक्ड हैं। 5 जून को यहां पुलिस आई थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पता चला कि कुछ बैग यहां से मिले हैं। दूसरे दिन ही हम लोगों ने अभिषेक से बात की। उससे कहा कि ‘भाई, आप यहां से चले जाइए। सेंटर की बहुत ज्यादा बदनामी हो रही है। 6 जून को अविनाश और अभिषेक यहां से चले गए थे।

दावा- अविनाश ने गांव में पक्का मकान बनवाया था

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरापी अविनाश शुक्ला महेशगंज थाना क्षेत्र के बाबूपुर नारियावा का रहने वाला है। पिता राम सजीवन शुक्ला किसान हैं। 5 भाइयों में वह दूसरे नंबर पर है। बड़ा भाई अभिषेक अयोध्या में टीचर है। दैनिक भास्कर को गांववालों ने बताया- अविनाश का पैतृक मकान कच्चा है। वहां उसके पिता और मां मिथिलेश देवी रहते हैं। कुछ महीने पहले अविनाश और अभिषेक ने नया पक्का मकान बनवाया था। दोनों भाई जब गांव आते थे, तो उसी मकान में रहते थे।

अविनाश डेढ़ साल से अयोध्या में रह रहा था

राम मंदिर चढ़ावा चोरी का आरोपी अविनाश शुक्ला अयोध्या में डेढ़ साल से रह रहा था। योग आश्रम चला रहा था। डेढ़ साल से ही राम मंदिर परिसर में नौकरी कर रहा था। वेतन करीब ₹15000 महीना था। पड़ोसियों के मुताबिक, अविनाश शुक्ला और उसका भाई दोनों कंबल बिछाकर जमीन पर ही सोते थे।

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