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आम आदमी पार्टी (आप) के प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अयोध्या श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में कथित वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ट्रस्ट को भंग करने की मांग की है। उन्होंने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर चंदे में अनियमितता का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की भी मांग की। 13 दस्तावेजों के आधार पर लगाए गंभीर आरोप प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान संजय सिंह ने 13 नए दस्तावेज सार्वजनिक किए। उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों से बाजार मूल्य से 10 से 12 गुना अधिक कीमत पर जमीन खरीदने का मामला सामने आता है। उनका कहना था कि ये दस्तावेज कथित गड़बड़ियों के पुख्ता सबूत हैं और इन्हें विशेष जांच दल (एसआईटी) को सौंपा जाएगा। एसआईटी को सौंपेंगे साक्ष्य, प्रधानमंत्री से भी पूछा सवाल संजय सिंह ने कहा कि वह एसआईटी से मुलाकात का समय मांगकर सभी दस्तावेज और साक्ष्य जांच एजेंसी को उपलब्ध कराएंगे, ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद वह इस मामले पर चुप क्यों हैं। जांच भटकाने का लगाया आरोप विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार द्वारा जांच अधिकारी को लिखे गए पत्र का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जांच को भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल, प्रियंका गांधी, रामगोपाल यादव और उनके नाम को इस मामले में जोड़ना वास्तविक मुद्दे से ध्यान हटाने का प्रयास है। भाजपा पर साधा निशाना प्रेसवार्ता में संजय सिंह ने भाजपा पर धार्मिक भावनाओं के अपमान का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत के दौरान भगवान बजरंगबली के वेश में एक कलाकार से पार्टी का झंडा पकड़वाकर नचाना अनुचित और शर्मनाक है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के जलालाबाद का नाम बदलने संबंधी कैबिनेट फैसले को भी केवल दिखावा बताया।
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