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संभल के पिशाच मोचन तीर्थ का निर्माणाधीन लेंटर गिर गया। इस हादसे में तीन मजदूर मलबे में दबकर घायल हो गए, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना को विभाग और उच्चाधिकारियों से छिपाने का आरोप है। यह घटना तीन से चार दिन पुरानी बताई जा रही है, जिसकी जानकारी सोमवार शाम 6 बजे सामने आई। संभल नगरपालिका परिषद द्वारा वार्ड संख्या 04 शहजादी सराय के मोहल्ला आलम सराय देहात में प्राचीन चतुर्मुख कूप और पिशाच मोचन तीर्थ स्थित हैं। 1.95 करोड़ रुपये की लागत से पिशाच मोचन तीर्थ और पाप मोचन तीर्थ का निर्माण कार्य चल रहा है। यह कार्य सैफी ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है। निर्माणाधीन लेंटर गिरने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता और जेई की देखरेख पर सवाल खड़े हो गए हैं। यह वार्ड जेई अमन वर्मा के अंतर्गत आता है। अधिकारियों से घटना छिपाने पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या निर्माण कार्य मानकों के विपरीत किया जा रहा था। यह तीर्थ संभल शहर से लगभग ढाई किलोमीटर दूर है, जिसके कारण घटना की जानकारी तुरंत सामने नहीं आ पाई। इसी तीर्थ स्थल के पास प्राचीन चतुर्मुख कूप भी है, जिसका निर्माण कार्य पिछले वर्ष पूरा हुआ था। मुरादाबाद कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने 7 अगस्त 2025 को विधि-विधान पूर्वक पूजन कर इसका उद्घाटन किया था। इस कूप के निर्माण के बाद अब पिशाच मोचन तीर्थ का कार्य प्रगति पर था। जेई अमन वर्मा की जिम्मेदारी है कि वे निर्माण कार्य का प्रतिदिन निरीक्षण करें। आरोप है कि यदि नियमित निरीक्षण होता तो ठेकेदार की लापरवाही से यह हादसा टाला जा सकता था। यह भी सवाल उठ रहा है कि लेंटर गिरने के बाद इसकी जानकारी अधिशासी अधिकारी आदित्य प्रकाश और अन्य उच्चाधिकारियों को क्यों नहीं दी गई और घटना को छिपाने का क्या कारण था। ईओ आदित्य प्रकाश बताया कि वह छुट्टी पर है, ऐसे किसी मामले की जानकारी नहीं है और अब यह मामला संज्ञान में आया है, पूरे मामले की जांच कराकर कार्यवाही की जाएगी। तीर्थ-कूप सहित किसी भी निर्माण कार्य में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नोटिस जारी किया जाएगा।



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