![]()
प्रयागराज में महिला एवं बाल विकास योजना के नाम पर साइबर ठगों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता दंपती को निशाना बना लिया। फर्जी अधिकारी बनकर ठग ने उनकी चार महीने की बेटी के लिए 12 हजार रुपये की सरकारी सहायता राशि स्वीकृत होने का झांसा दिया। इसके बाद गूगल-पे का स्कैनर मंगवाकर खाते से रकम ट्रांसफर कराने के नाम पर दोनों के बैंक खातों से करीब 79 हजार रुपये पार कर दिए। दारागंज के अलोपीबाग में रहते हैं
मामला दारागंज थाना क्षेत्र के अलोपीबाग स्थित पंजाबी कॉलोनी का है। यहां रहने वाले अधिवक्ता राजेश वोहरा और उनकी पत्नी प्रतिभा वोहरा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 27 अगस्त की शाम करीब चार बजे उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को महिला एवं बाल विकास योजना का अधिकारी बताया। बेटी के नाम पर 12 हजार की सहायता का दिया झांसा
ठग को दंपती की चार महीने की बेटी और परिवार से जुड़ी कई सही जानकारियां पहले से पता थीं। उसने बताया कि महिला एवं बाल विकास योजना के तहत उनकी बेटी के लिए 12 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत हुई है। रकम खाते में भेजने की प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उसने पति-पत्नी दोनों के बैंक खातों की जानकारी ली।
इसके बाद ठग ने दोनों से उनके गूगल-पे का स्कैनर व्हाट्सएप पर मंगवा लिया। उसने कहा कि उसके बताए तरीके से प्रक्रिया पूरी करने पर करीब आधे घंटे में सरकारी सहायता की रकम खाते में पहुंच जाएगी। पैसे आने के बजाय खाते से कटने लगे
दंपती ने जैसे ही ठग के बताए निर्देशों का पालन किया, उनके खातों में 12 हजार रुपये आने के बजाय रकम कटने लगी। प्रतिभा वोहरा के खाते से 38,519.28 रुपये और राजेश वोहरा के खाते से 40,903.63 रुपये निकल गए। दोनों खातों से कुल 79,422.91 रुपये की ठगी हुई। पुलिस बोली, जांच कराई जा रही
ट्रांजैक्शन के मैसेज आने के बाद दंपती को साइबर ठगी का पता चला। उन्होंने तत्काल दारागंज थाने में शिकायत दी। पुलिस को बैंक पासबुक, आधार कार्ड और गूगल-पे से हुए ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भी उपलब्ध कराए गए हैं। दारागंज थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर मिश्रा ने बताया कि जांच कराई जा रही है।
Source link