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सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को नीट पेपर लीक मामले में सुनवाई हुई। कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से कहा कि आपको यूपीएससी से सीखना चाहिए और उनकी तरह परीक्षा आयोजित करनी होगी। साथ ही NTA में टेक्निकल एक्सपर्ट्स को शामिल करना चाहिए। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नीट परीक्षा के लिए बनाया गया सिस्टम पूरी तरह फूलप्रूफ है। इसमें सेंध लगाना मुश्किल है। पेपर तैयार करने से लेकर छात्रों तक पहुंचाने में गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाता है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई की। इनमें NTA को भंग करने और पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत निगरानी सिस्टम बनाने की मांग की गई है। सरकार ने बताया- पेपर ले जाने वाली गाड़ियों में GPS लगा सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि नीट का पेपर ले जाने वाली गाड़ियों में जीपीएस लगा होता है। गाड़ी में होने वाली छोटी-सी हरकत भी रिकॉर्ड होती है। मेहता ने कहा कि कई मॉडरेटर से प्रश्न बैंक तैयार करने को कहा गया है। उन्हें यह पता नहीं होता कि कौन-से सवाल प्रश्न-पत्र का हिस्सा बनेंगे। जज बोले- संस्थागत समस्याओं का समाधान जरूरी कोर्ट ने कहा कि सरकार जिन सुरक्षा उपायों का जिक्र कर रही है, राधाकृष्णन कमेटी उनकी पहले ही समीक्षा कर चुकी है। कमेटी ने संस्थागत समस्याओं की ओर भी इशारा किया था। कोर्ट ने कहा कि ऐसा समाधान चाहिए, जिसका लंबे समय तक असर रहे। साथ ही बदलती तकनीक को समझने वाले विशेषज्ञ अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
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