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कासगंज शहर में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब यूपी पुलिस के रिटायर्ड हेड कांस्टेबल बाबूराम (70) ने अपने 14 वर्षीय नाती दिग्विजय को घर के अंदर बंद कर लिया। करीब 20 घंटे तक बाबा और नाती घर के अंदर रहे, जबकि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी बाहर से दरवाजा खुलवाने का प्रयास करते रहे। दरवाजा तोड़ने की कोशिश पर बाबूराम ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली चलाने की धमकी दे दी, जिसके बाद पुलिस ने बच्चे और बुजुर्ग की सुरक्षा को देखते हुए रणनीति बदल दी। दिग्विजय के पिता अवनीश जयपुर में नौकरी करते हैं। मंगलवार को वह बेटे से मिलने कासगंज पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान बाबूराम ने नाती को घर के अंदर बंद कर लिया और पिता के बार-बार कहने के बावजूद दरवाजा नहीं खोला। परेशान होकर अवनीश ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। पिता के पहुंचने पर भी नहीं खोला दरवाजा अवनीश के मुताबिक, वह अपने बेटे से मिलने घर पहुंचे थे, लेकिन बाबूराम ने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। काफी देर तक समझाने के बावजूद जब दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस के साथ एसडीएम एसएन त्रिपाठी, तहसीलदार बलवंत उपाध्याय, सीओ आंचल चौहान और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने बाबूराम से बातचीत कर दरवाजा खोलने और बच्चे को बाहर भेजने का आग्रह किया, लेकिन वह तैयार नहीं हुए। जब पुलिस ने दरवाजा खोलने के लिए दबाव बनाया और तोड़ने का प्रयास किया गया तो बाबूराम ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली चलाने की धमकी दी। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने तत्काल पीछे हटकर बातचीत का रास्ता अपनाया। एसपी भी पहुंचे, फिर भी नहीं खुला दरवाजा देर रात एसपी ओपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चे के पिता अवनीश और आसपास रहने वाले लोगों से पूरी घटना की जानकारी ली। एसपी ने भी बाबूराम को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद एसपी वापस लौट गए। एहतियात के तौर पर घर के आसपास सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। नाती को जयपुर भेजने के पक्ष में नहीं बाबा एसपी ओपी सिंह के मुताबिक, बाबूराम अकेले रहते हैं और उनका नाती उनके साथ रहता है। उनका एक बेटा वर्ष 2009 में सड़क हादसे में गुजर चुका है, जबकि छोटा बेटा परिवार के साथ जयपुर में नौकरी करता है। बताया गया कि बाबूराम अपने नाती से बेहद लगाव रखते हैं और उसे जयपुर भेजने के पक्ष में नहीं हैं। बच्चे ने पिता को मैसेज कर बताया- सुरक्षित हूं पुलिस के अनुसार, दिग्विजय ने अपने पिता को मैसेज कर खुद के सुरक्षित होने की जानकारी दी है। वहीं बाबूराम ने भी परिजनों से फोन पर कहा है कि पुलिस कोई कार्रवाई न करे, वह खुद नाती के साथ घर से बाहर आ जाएंगे। फिलहाल पुलिस का कहना है कि बच्चा और बाबूराम दोनों सुरक्षित हैं। पुलिस लगातार घर पर नजर बनाए हुए है और कोशिश है कि बाबूराम खुद दरवाजा खोलकर बाहर आएं। इसके बाद उनकी समस्या और परिवार से जुड़े विवाद को समझकर समाधान कराया जाएगा।
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