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झांसी के खाती बाबा मंदिर परिसर में मंगलवार को आयोजित दंगल में एक हाथ से दिव्यांग पहलवान दीपक यादव आकर्षण का केंद्र रहे। बबीना के रहने वाले दीपक का एक हाथ कोहनी के नीचे से कटा हुआ है। इसके बावजूद उन्होंने अपने से 12 किलोग्राम अधिक वजन वाले अजय पहलवान से कुश्ती लड़ने का ऐलान किया तो दर्शकों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। अखाड़े में उतरते ही दीपक ने पहले ही दांव में अजय को पटखनी देकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। खाती बाबा मंदिर परिसर में हर साल सावन माह में मेला आयोजित होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसी मेले के दौरान दंगल का आयोजन किया गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के अलावा दूसरे राज्यों से भी पहलवान अपना दमखम दिखाने पहुंचे।
दंगल की शुरुआत झांसी रेंज के आईजी आकाश कुलहरि ने रिबन काटकर की। इसके बाद एक से बढ़कर एक कुश्तियां हुईं। मध्य प्रदेश के मुरैना, बीना, दतिया, राजस्थान के धौलपुर समेत अन्य स्थानों से पहलवान पहुंचे। बड़ी संख्या में कुश्ती प्रेमियों ने अखाड़े में पहलवानों के दांव-पेंच का आनंद लिया।
दीपक और अजय की कुश्ती में शुरुआत में ही दीपक ने अजय पर दांव लगाकर उन्हें गिरा दिया। हालांकि इसके बाद अजय ने संभलते हुए कई दांव-पेंच दिखाए। दोनों पहलवानों ने एक-दूसरे को चित करने की पूरी कोशिश की, लेकिन कोई भी दूसरे को पटखनी नहीं दे सका। कुश्ती बराबरी पर खत्म हुई। मुख्य अतिथि आईजी आकाश कुलहरि ने दोनों पहलवानों को नगद इनाम देकर हौसला बढ़ाया।
दंगल की सबसे बड़ी कुश्ती झांसी के मैरी गांव के पहलवान और मुरैना के पहलवान के बीच हुई। मुकाबले के दौरान अखाड़ा छोटा होने के कारण मुरैना के पहलवान के कंधे में चोट लग गई। इसके चलते कुश्ती बीच में ही रोकनी पड़ी। दोनों पहलवानों को इनामी राशि देकर सम्मानित किया गया।
दीपक यादव की कुश्ती को देखने के लिए दर्शकों में खास उत्साह रहा। एक हाथ नहीं होने के बावजूद उनके आत्मविश्वास और कुश्ती के जज्बे ने लोगों का ध्यान खींचा। आईजी आकाश कुलहरि ने कहा कि दीपक पहलवान युवाओं के लिए उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि एक हाथ नहीं होने के बावजूद जिस तरह दीपक अखाड़े में उतरे, उससे समझना चाहिए कि इंसान का मनोबल शरीर से नहीं, बल्कि उसके दिल से मजबूत होता है। आईजी ने युवाओं से कहा कि वे कुश्ती और खेलों का केवल आनंद न लें, बल्कि अपने शरीर को बलवान बनाएं और खुद को गलत आदतों से दूर रखें। वह करीब तीन घंटे तक दंगल में मौजूद रहे। उन्होंने कहा, “मैं हमेशा से खेलों से जुड़ा रहा हूं और यहां इतनी जबरदस्त कुश्ती चल रही है तो ऐसे में मेरा मन नहीं किया कि एक भी कुश्ती मिस करूं।”



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