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गोंडा में 13 अगस्त को युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर पुलिस की जांच पर सवाल उठ रहे हैं। मृतक के परिजन पुलिस के सड़क हादसे वाले दावे को खारिज करते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में मामला सड़क दुर्घटना का ही सामने आया है। पुलिस और एडिशनल एसपी पश्चिमी राधेश्याम राय के मुताबिक प्रिंस की मौत अयोध्या-गोरखपुर हाईवे पर हुए सड़क हादसे में हुई थी। एडिशनल एसपी ने 13 अगस्त को बताया था कि हादसे में प्रिंस की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए थे, जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। प्रिंस के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। हालांकि, परिवार इस दावे से सहमत नहीं है। परिजनों का कहना है कि प्रिंस का शव उनके घर से करीब एक किलोमीटर दूर गांव के संपर्क मार्ग के किनारे मिला था, जबकि हाईवे वहां से करीब छह किलोमीटर दूर है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच और हत्या की आशंका की जांच कराने की मांग की है। घटना के समय और शव मिलने की जगह पर सवाल परिजनों के अनुसार प्रिंस का शव करीब साढ़े तीन बजे गांव के संपर्क मार्ग के किनारे मिला था। वहीं पुलिस घटना का समय करीब पांच बजे बता रही है। परिवार का कहना है कि समय में अंतर भी कई सवाल खड़े करता है। पुलिस के मुताबिक हादसा लोलपुर स्थित एनएच-27 पर हुआ था। परिजन सवाल उठा रहे हैं कि यदि प्रिंस हाईवे पर सड़क हादसे में घायल हुआ था तो उसके साथ मौजूद दोनों युवक उसे अस्पताल क्यों नहीं ले गए। परिजनों के अनुसार घटनास्थल के आसपास श्रीराम अस्पताल करीब 4 किमी और मेडिकल कॉलेज ट्रॉमा सेंटर करीब 5 किमी की दूरी पर है। इसके बावजूद प्रिंस को इलाज नहीं मिल सका। परिवार का दावा है कि रात करीब 10 बजे तक प्रिंस की मां पूनम दोनों युवकों को फोन करती रहीं, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। स्कॉर्पियो और बाइक को लेकर भी सवाल प्रिंस की मां पूनम और गांव के पूर्व प्रधान विनोद सिंह ने पुलिस पर मामले को दुर्घटना बताने में जल्दबाजी का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि प्रिंस को शाम के समय स्कॉर्पियो में बैठाकर ले जाया गया था, जबकि पुलिस घटना को मोटरसाइकिल से हुआ हादसा बता रही है। परिजनों ने स्कॉर्पियो की जांच कराने की मांग की है। उनका सवाल है कि यदि प्रिंस को स्कॉर्पियो से ले जाया गया था तो वह वाहन कहां है और बाद में संबंधित लोग मोटरसाइकिल पर क्यों थे। परिवार यह भी सवाल उठा रहा है कि यदि मोटरसाइकिल से दुर्घटना हुई थी तो उस पर खरोंच तक क्यों नहीं है। परिजनों ने सभी बिंदुओं की जांच कर घटना की वास्तविकता सामने लाने की मांग की है। पुलिस बोली- अब तक की जांच में हादसा नवाबगंज थाना प्रभारी अभय सिंह ने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि परिजनों का सवाल उठाना उनका अधिकार है और उनके द्वारा उठाए गए बिंदुओं की भी जांच की जा रही है। थाना प्रभारी के मुताबिक अब तक करीब पांच दिन की जांच में मामला सड़क दुर्घटना का ही सामने आया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाल रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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