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मुरादाबाद जिले के रामूवाला शेखू गांव में सोमवार सुबह वन विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। पिछले काफी समय से इलाके में दहशत का पर्याय बना एक और तेंदुआ वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में कैद हो गया। तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही पिंजरे को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, तेंदुए की आवाजाही वाले मार्ग को चिह्नित कर रामूवाला शेखू गांव में एक मजबूत पिंजरा लगाया गया था। तेंदुए को आकर्षित करने के लिए पिंजरे के भीतर एक बकरी को चारे (शिकार) के रूप में बांधा गया था। सोमवार तड़के शिकार के लालच में जैसे ही तेंदुआ पिंजरे के अंदर दाखिल हुआ, पिंजरे का दरवाजा बंद हो गया और वह कैद हो गया। वन विभाग की मुस्तैदी के चलते इस क्षेत्र से अब तक कुल 5 तेंदुओं को पिंजरे में कैद किया जा चुका है। इतनी बड़ी सफलता के बावजूद स्थानीय ग्रामीणों में डर का माहौल पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। इलाके में तेंदुओं के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे ग्रामीण खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। इस क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक किस कदर है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक तेंदुए के हमले में एक महिला की मौत हो चुकी है। इसके अलावा, खेतों में काम करने के दौरान तेंदुए के जानलेवा हमलों में 8 किसान गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। यही कारण है कि एक के बाद एक तेंदुए पकड़े जाने के बाद भी ग्रामीण खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करने और अन्य संभावित तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। वर्तमान में 50 से अधिक वन कर्मियों की एक विशेष टीम को इस टास्क पर लगाया गया है। यह टीम लगातार प्रभावित गांवों में गश्त कर रही है, थर्मल कैमरों और पगमार्क के जरिए तेंदुओं की निगरानी की जा रही है ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द इस भय से मुक्ति दिलाई जा सके। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास (आरक्षित वन क्षेत्र) में छोड़ दिया जाएगा और क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन आगे भी जारी रहेगा।
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