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जालौन में शनिवार शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रविवार को भी जारी रही। लगातार वर्षा के कारण कई इलाकों में नाले और नालियां उफान पर आ गए, जिससे उरई और कोंच नगर की कई गलियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इस बारिश से जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं किसानों के चेहरों पर राहत और उम्मीद दिखाई दी। पिछले 24 घंटों के दौरान उरई में 16.5 मिलीमीटर और कोंच में 52 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी वर्षा का सिलसिला जारी रहा, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग कोंच नगर स्थित प्राचीन भूतेश्वर महादेव मंदिर में भी बारिश का पानी प्रवेश कर गया। मंदिर परिसर में इतना अधिक जलभराव हो गया कि शिवलिंग भी पानी में डूब गया। सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच इस स्थिति का एक वीडियो भी सामने आया। पुजारी को पानी के बीच ही मंदिर में प्रवेश कर भगवान शिव की आरती करनी पड़ी। श्रद्धालुओं ने जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी रास्तों पर पानी भरने की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, लगातार हो रही इस बारिश को धान की फसल के लिए काफी उपयोगी माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय धान की फसल को पर्याप्त पानी मिलने से सिंचाई की आवश्यकता कम होगी और बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ी है। मौसम के बदले मिजाज और लगातार वर्षा से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। जनपद में मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने से प्रशासन और नगर निकायों के सामने जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी की निकासी की चुनौती भी बढ़ गई है।
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