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देवरिया के सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और समाजवादी आंदोलन के वरिष्ठ नेता सुरेश यादव (85) का शुक्रवार रात करीब 9 बजे निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ थे और पिछले चार दिनों से देवरिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती थे। उनके निधन की खबर मिलते ही जिले के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। 1989 में जनता दल के टिकट पर बने थे विधायक सुरेश यादव वर्ष 1989 में जनता दल के टिकट पर सलेमपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले सदन भंग हो गया, जिसके बाद 1991 के चुनाव में उन्हें टिकट नहीं मिला। इसके बावजूद उन्होंने समाजवादी विचारधारा के साथ सक्रिय राजनीति जारी रखी और पूर्वांचल में संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एक बार सलेमपुर लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली। अखिलेश यादव ने दी श्रद्धांजलि पूर्व विधायक के निधन पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई और दूरभाष पर परिजनों से भी बातचीत की। जिले में सपा जिलाध्यक्ष विकास यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष सिंह, उमेश नारायण शाही, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय यादव, डीपी जायसवाल, विजय रावत, मनोज यादव, युवजन सभा के जिलाध्यक्ष रणवीर यादव और मोहन गुप्ता सहित कई नेताओं ने उनके निधन को समाजवादी आंदोलन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। आपातकाल में 18 महीने रहे जेल में सुरेश यादव समाजवादी आंदोलन के संघर्षशील नेताओं में गिने जाते थे। वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान वह संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के जिला मंत्री थे। आपातकाल लागू होने के बाद उन्हें सलेमपुर से गिरफ्तार कर पहले शांतिभंग और बाद में डीआईआर के तहत जेल भेजा गया। उन पर रेलवे लाइन उखाड़ने की साजिश का आरोप लगाया गया था। करीब 18 महीने जेल में रहने के बाद वह रिहा हुए। आपातकाल के दौरान उनका संघर्ष समाजवादी राजनीति की महत्वपूर्ण पहचान माना जाता है। मुलायम परिवार से रहे करीबी संबंध सुरेश यादव के समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार से लंबे समय से घनिष्ठ संबंध रहे। उन्होंने पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाई। उनके पुत्र ओम प्रकाश यादव वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव हैं। हाल ही में सपा सांसद धर्मेंद्र यादव भी उनका हालचाल जानने उनके आवास पहुंचे थे। विभिन्न दलों के नेताओं ने जताया शोक पूर्व विधायक के निधन पर सपा सांसद रमाशंकर राजभर, पूर्व विधायक मनबोध प्रसाद, स्वामीनाथ, आशुतोष उपाध्याय ‘बबलू’, गजाला लारी, जिला पंचायत प्रशासक पंडित गिरीश चंद्र तिवारी समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सभी ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सादगी, संघर्ष और जनसेवा की राजनीति की मिसाल कायम की। शनिवार को पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार परिजनों के अनुसार, सुरेश यादव का अंतिम संस्कार शनिवार को उनके पैतृक गांव रक्शा (विकासखंड लार) में किया जाएगा। उनके निधन की सूचना के बाद समर्थकों, शुभचिंतकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया है। परिवार ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार सामाजिक और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार किया जाएगा। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।



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