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संभल में कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद की निषाद पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम सपा विधायक इकबाल महमूद को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में निषाद समेत 12 जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हटाकर अनुसूचित जाति (एससी) श्रेणी में शामिल करने की मांग की गई है। निषाद, केवट, मल्लाह, कश्यप, कहार, धीमर, बिन्द, बाथम, तुरहा, गोड़िया, मांझी और मछुआ जैसी 12 जातियों को ओबीसी सूची से बाहर किया जाए। अनुसूचित जाति के मौजूदा 21 प्रतिशत कोटे में 9 प्रतिशत जोड़कर इसे 30 प्रतिशत किया जाए। समस्त उपजिलाधिकारियों को इन जातियों के लिए अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश देने का भी अनुरोध किया है। मंगलवार शाम 6 बजे विधायक के आवास पर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने बताया कि यह बदलाव उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण) अधिनियम-1994 में संशोधन के तहत किया गया था। जनपद और तहसील स्तर पर इन संशोधित नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इन जातियों को अभी भी पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है, जो नियमानुसार गलत, असंवैधानिक और राज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी करने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। इन जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल करने के समर्थन में 10 अगस्त 1950 की राष्ट्रपति की अधिसूचना और 1961 के सेंसस मैन्युअल का हवाला दिया है। भारत सरकार के 29 अगस्त 1977 के शासनादेश के अनुसार, संविधान में सूचीबद्ध अनुसूचित जाति के 66 समूहों में से कुछ के पर्यायवाची नाम 1961 के सेंसस ऑफ इंडिया एपेंडिक्स टू सेंसस मैनुअल पार्ट (एक) उत्तर प्रदेश में उल्लेखित हैं। क्रम संख्या 51 पर ‘मझवार’ के पर्यायवाची के रूप में केवट, मल्लाह आदि; क्रम संख्या 57 पर ‘तरमाली पासी’ के पर्यायवाची के रूप में भर, राजभर आदि; क्रम संख्या 63 पर ‘शिल्पकार’ के पर्यायवाची के रूप में प्रजापति, कुम्हार आदि; और क्रम संख्या 66 पर ‘तुरैहा’ के पर्यायवाची के रूप में कश्यप, कहार, धीवर, धीमर आदि शामिल हैं। उत्तर प्रदेश विधानसभा उत्तराखंड राज्य की तर्ज पर एक अध्यादेश, शासनादेश या बिल पारित करे। जिलों और तहसीलों में इन जातियों को OBC प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए और संविधान में पहले से सूचीबद्ध अनुसूचित जाति ‘मझवार’ और ‘तुरैहा’ का प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए। जिलाध्यक्ष अखिलेश कुमार प्रेमपाल तुरैया युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष, मनोहर कुमार, हरि सिंह, मुकेश कुमार, जयवीर सिंह, रामबाबू, राजेंद्र, विजयपाल सिंह विधानसभा अध्यक्ष आदि मौजूद रहे।



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