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लखनऊ का गोमतीनगर वार्ड शहर के पॉश इलाकों में गिना जाता है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का घर इसी इलाके में है। यहां कई बुनियादी समस्याएं अब भी लोगों की परेशानी बनी हुई हैं। लक्ष्मणपुरी की कैलाश कुंज कॉलोनी में बारिश होते ही मुख्य गेट पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वार्ड में जाम, कूड़ा, पानी और सीवर की समस्याएं ज्यादा हैं। इन्हें सही कराया जाना चाहिए। वार्ड की समस्याओं पार्षद कौशल शंकर पांडेय के कहा कि कूड़ा, पानी और सीवर की जो समस्याएं हैं, उन्हें दूर करने की कोशिश की जा रही है। दैनिक भास्कर एप ‘वार्ड परिक्रमा’ मुहिम चला रहा है। इसके तहत नगर निकाय के वार्डों की वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में हमारी टीम लखनऊ नगर निगम के वार्ड- 37, गोमतीनगर वार्ड पहुंची। यहां के प्रमुख कॉलोनियों, मोहल्लों, इलाकों का हाल जाना। निवासियों से बात कर उनकी समस्या समझने की कोशिश की। यहां अलग-अलग मोहल्लों के लोगों ने जलभराव, जाम, चौक नालियां, सीवर, कूड़ा निस्तारण और अव्यवस्थित बिजली के तारों जैसी समस्याएं उठाईं। हालांकि, स्थानीय लोगों ने सफाई व्यवस्था में सुधार और जलभराव कम होने जैसे कार्यों के लिए पार्षद की सराहना भी की। पहले ग्राउंड रियलिटी की तस्वीरें देखिए- वार्ड की बड़ी समस्या- कई मोहल्लों में जलभराव- लक्ष्मणपुरी की कैलाश कुंज कॉलोनी में बारिश होते ही मुख्य गेट पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आना-जाना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भूतनाथ मेट्रो स्टेशन से कपड़ा कोठी तक नाला बनने से लक्ष्मणपुरी, कैलाश कुंज और आसपास की बस्तियों में जलभराव की समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। लोगों का आरोप है कि टूटी सीवर लाइन के कारण सीवर और नाली का गंदा पानी के लाइन तक पहुंच रहा है। इससे नलों में पीला और दूषित पानी आ रहा है, जिसे पीने से बच्चों में टाइफाइड जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। रेलवे क्रॉसिंग पर जाम- जुगौली रेलवे क्रॉसिंग पर फ्लाईओवर नहीं बनने से लोगों को रोजाना घंटों जाम का सामना करना पड़ता है। क्रॉसिंग बंद होते ही वाहनों की लंबी कतारें कॉलोनी तक पहुंच जाती हैं। फ्लाईओवर की मांग कई बार उठी, लेकिन प्रभावशाली लोगों के हस्तक्षेप के कारण मामला आगे नहीं बढ़ सका। डबल रेलवे ट्रैक होने से लगातार ट्रेनों का संचालन होता है, जिससे परेशानी और बढ़ जाती है। निवासियों का कहना है कि उन्होंने पिछली बार विधयक और सांसद से भी शिकायत की थी। उस समय काम शुरू कराने का आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। नियम कूड़े का उठान नहीं- संजयगांधीपुरम के कसैला क्षेत्र के कॉलोनी की सड़कों पर कई जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। लोगों का आरोप है कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी नियमित नहीं आती। कई बार घरों से कूड़ा उठाने के बाद उसे सड़क किनारे ही छोड़ दिया जाता है, जहां वह डेढ़-दो महीने तक पड़ा रहता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होती और रोड़ पर पड़े कूड़ो कों उठाने के लिए अलग से पैसे देने पर ही कूड़ा उठाया जाता है। वहीं, तीन-चार महीनों से नालियों की सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। नई सड़क बनने के बावजूद घरों के सामने जलभराव हो जाता है। भूतनाथ मेट्रो स्टेशन से कपड़ा कोठी तक नाला बन जाएगा लक्ष्मणपुरी कैलाश कुंज कॉलोनी में रहने वाले रामऔतार ने बताया कि कॉलोनी में लोगों के गेट पर बारिश में पानी भर जाता है, जिससे आने-जाने में बहुत दिक्कत होती है। इससे पहले हम लोगों ने मांग उठाई थी कि भूतनाथ मेट्रो स्टेशन से कपड़ा कोठी तक अगर नाला बन जाएगा, तो लक्ष्मणपुरी, कैलाश कुंज और आसपास की बस्तियों में जलभराव नहीं होगा। हम चाहते हैं कि यहा जल्द से जल्द नाला बन जाए। हम पार्षद, विधायक, उप-मुख्यमंत्री और सांसद से यही निवेदन करेंगे कि लक्ष्मणपुरी कैलाश कुंज वार्ड के लिए नाला बनवाने की कृपा करें, जिससे यहां के निवासियों का आवागमन सुगम हो सके। फ्लाईओवर जल्द से जल्द बने आलोक सिंह ने कहा कि हमारी बस एक मांग है कि जुगौली रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर फ्लाईओवर बनना बहुत जरूरी है। एक बार पहले भी इसकी मांग उठी थी और यह बनने को तैयार भी हो गया था, लेकिन कुछ नेताओं या प्रभाव वाले लोगों के हस्तक्षेप के कारण इसे रुकवा दिया गया। अब दोबारा यह बात अखबार में आई है। भिटौली और जुगौली क्रॉसिंग, दोनों जगहों का प्रस्ताव साथ आया था। भिटौली का फ्लाईओवर तो बनकर उसका उद्घाटन भी हो गया, लेकिन यहा बहुत दिक्कत होती है। डबल ट्रैक होने के कारण लगातार ट्रेनें गुजरती रहती हैं, जिससे जनता को भारी परेशानी होती है। गाड़िया फंसी रहती हैं। हमारी सांसदजी से मांग है कि जिनके माध्यम से यह पास हुआ है, वे ध्यान दें ताकि यहां की जनता को राहत मिले। पिछली बार भी हमने बताया था, तब कहा गया था कि काम हो जाएगा, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं हुआ। हमारी यही मांग है कि यहा फ्लाईओवर जल्द से जल्द बने। यह कूड़ा सीधे बाहर ही पड़ा रहता है ममता जिंदल ने बताया कि पार्षद आज की तारीख में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। पहले पानी भरता था, अब जलभराव नहीं होता। गलियों में नियमित सफाई होती है और मशीनें आती हैं। हमारे सामने एक बहुत बड़ी समस्या कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, अस्पताल और गाड़ियों के रिपेयरिंग सेंटर्स से निकलने वाले कचरे की है। यह कूड़ा सीधे बाहर ही पड़ा रहता है। अभी हाल ही में, लगभग 6 महीने पहले एक बैटरी की दुकान में बैटरी फटने से दीवार तक टूट गई थी। मेरा मानना है कि बहुत सोच-समझकर व्यावसायिक काम यहा स्वीकृत किए जाए। ठेले लगने से जाम लगता है संजयगांधीपुरम के हर्ष जिंदल ने बताया कि संजयगांधीपुरम में सबसे बड़ी समस्या यह है कि राम-गोमती के पास, बादशाहनगर स्टेशन की ओर जाने वाली रेलवे लाइन के बगल में 15-15 फीट की खाली जमीन है, जहा बहुत ज्यादा गंदगी फैली रहती है। हम चाहते हैं कि रेलवे विभाग इस समस्या का समाधान करे और सफाई कराए। दूसरी बड़ी समस्या यह है कि नेशनल हाईवे पर मुंशीपुलिया, भूतनाथ, इंदिरानगर और बादशाहनगर मेट्रो स्टेशनों के आसपास ठेले-गुमचे वालों का कब्जा रहता है, जिससे भारी जाम लगता है। प्राइवेट कंपनियों समय से नहीं उठाते मुख्य रोड से कॉलोनी के अंदर गाड़ी लाना भी मुश्किल हो जाता है। तीसरी समस्या यह है कि बारिश से ठीक पहले पार्षद और विधायक नालियों की सफाई तो करवाते हैं, लेकिन जिन प्राइवेट कंपनियों को कचरा उठाने का ठेका दिया गया है, वे समय पर मलबा नहीं उठातीं। देरी होने के कारण वह मलबा वापस नालियों में चला जाता है। बाकी संजयगांधीपुरम की सफाई व्यवस्था के लिए हम मेयर साहब और पार्षद कौशलेंद्र पांडेय जी के आभारी हैं। जहां पहले पानी भरता था, अब जलभराव नहीं होता और साफ-सफाई भी बनी रहती है। सफाई कर्मचारी 5-6 दिनों में आते हैं गीता भारती ने बताया कि हमारे यहा नाली का गंदा पानी और सीवर का गंदा पानी बहकर नल के सामने आ जाता है। सीवर लाइन टूटी हुई है, जिससे पीने का पानी भी पीला और गंदा आता है। इसे पीकर बच्चे बीमार पड़ रहे हैं और टाइफाइड हो रहा है। सफाई कर्मचारी 5-6 दिनों में आते हैं और झाड़ू लगाने वाले भी बस सामने-सामने झाड़ू लगाकर चले जाते हैं। हमने यहाँ के सभासद कौशल पांडेय से शिकायत की थी, लेकिन वे कहते हैं कि सब साफ है। मोहित कुमार शर्मा ने बताया कि हमारे यहां अब ज्यादा समस्याएं नहीं रही हैं। पार्क में बच्चे खेल रहे हैं और स्थिति पहले के मुकाबले काफी बेहतर हो चुकी है। साफ-सफाई नियमित रूप से होती है। अगर कभी कोई समस्या होती भी है, तो पार्षद या नगर निगम में शिकायत करने पर काम हो जाता है। हर काम के लिए अलग से पैसा चाहिए उर्मिला मिश्रा ने बताया कि हमारे यहा तो ऐसे ही कूड़े-कचरे की ही समस्या है। कभी गाड़ी वाले आते हैं, तो कभी नहीं आते। घर से कूड़ा ले तो जाते हैं, फिर ऐसे ही ले जा के रख देते हैं और वह वहीं पड़ा रहता है। यह तो डेढ़-दो महीने से पड़ा है। न तो वे समय पर सफाई करते हैं, कभी-कभी तो पूरा महीना बीत जाता है और सफाई नहीं होती। यह डेढ़-दो महीने से ऐसे ही पड़ा हुआ है। इसका अलग से पैसा देंगे तो ले जाएंगे, नहीं तो नहीं ले जाएंगे। मतलब, उनको हर काम के लिए अलग से पैसा चाहिए ही चाहिए। 3–4 महीनों से नाली की सफाई नहीं हुई कसेला के रहने वाले शादाब ने बताया कि यहां सड़क आरसीसी की ढाल वाली थी और उसके किनारे नाली बनी हुई थी। जब सरकार की ओर से दोबारा सड़क बनाने का काम शुरू हुआ तो सबसे पहले नाली को बंद कर दिया गया। दूसरी समस्या यह है कि पूरी सड़क का लेवल सही नहीं रखा गया। ऐसे में बारिश का पानी निकल नहीं पाता। आप सामने देख सकते हैं कि सड़क पर कितना पानी भरा हुआ है। बरसात के दौरान पानी लंबे समय तक जमा रहता है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ता है और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है। हमने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की और उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन किसी ने इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया। कई स्थानों पर नालिया पूरी तरह पटी हुई हैं दीपक सिंह ने बताया कि क्षेत्र में कई समस्याए हैं। सबसे बड़ी समस्या जलभराव की है। बारिश होने पर, खासकर तेज़ बारिश में, कसैला क्षेत्र का पूरा पानी इसी सड़क से होकर संजयगांधीपुरम में आ जाता है। उन्होंने बताया कि यहा कई स्थानों पर नालिया पूरी तरह पटी हुई हैं। इससे मच्छर पनपते हैं और लोग नालियों में कूड़ा फेंक देते हैं। आज सुबह सफाई कराई गई है, लेकिन सामान्य दिनों में यहा कूड़े का ढेर लगा रहता है। खंभे के सपोर्ट करने वाले तार घर से लगाए दीपक सिंह ने बिजली के तारों की समस्या भी उठाई। उन्होंने कहा कि बिजली के खंभे के सपोट करने वाले तार घर मे गड़ा हुआ हैं और तार के जाल से बरसात के मौसम में करंट लगने का डर बना रहता है। छोटे-छोटे बच्चे होने के कारण उन्हें बालकनी में भी नहीं आने दिया जाता। घर की दीवारों से भी दूरी बनाकर रहना पड़ता है। इस बिजली के खंभे और तारों की शिकायत कई बार पावर हाउस में लिखित रूप से की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि पार्षद से भी कई बार शिकायत की गई है। हालांकि, पार्षद ने क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए हैं और लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सहयोग भी किया है। कई बार क्रॉसिंग पार करने में 40 मिनट तक लग जाते हैं जुगौली क्रॉसिंग में ट्रेन निकलते समय जाम में फंसे आशुतोष ने बताया कि सिंगल रोड है इसलिए जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज बनना बहुत जरूरी है। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी। ऑफिस जाने वालों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में काफी समय लग जाता है। कई बार क्रॉसिंग पार करने में 40 मिनट तक लग जाते हैं। कभी-कभी फाटक लंबे समय तक नहीं खुलता, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है। इसलिए यहां ओवरब्रिज का बनना बहुत जरूरी है। —————————– इस वार्ड को भी जानिए- शंकरपुरवा सेकंड में नालियों से जोड़ दी सीवर लाइन : रोज नहीं उठता कूड़ा, खाली प्लॉट बने कूड़ाघर; सड़कों पर फैली गंदगी शंकरपुरवा द्वितीय वार्ड में सीवर, कूड़ा और बदहाल तालाब से लोग परेशान हैं। सबसे बड़ी समस्या सीवर ओवरफ्लो की है। हालात ऐसे हैं कि स्वेज इंडिया को सीवर का पानी पाइप के जरिए सीधे नालियों में छोड़ना पड़ रहा है। वहीं नियमित कूड़ा न उठने से खाली प्लॉट कूड़ाघर में तब्दील हो गए हैं। स्थानीय पार्षद ने नगर निगम की कार्यदायी संस्था एलएसए पर लापरवाही और मनमानी का आरोप लगाया है। (पूरी रिपोर्ट पढ़िए)



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