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संतकबीरनगर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रेमनाथ उर्फ गुड्डू चौधरी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने अपर जिलाधिकारी को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। यूनियन ने 15 दिनों के भीतर मांगों का समाधान न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन में कहा गया कि पिछले चार दशकों से भाकियू किसानों, कृषि मजदूरों और ग्रामीण समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है। वर्तमान में खेती लगातार घाटे का सौदा बन रही है। खेती की लागत बढ़ रही है, जबकि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है। किसानों के आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाया यूनियन ने गन्ना किसानों के लंबित भुगतान, खाद-बीज की समय पर अनुपलब्धता और प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को हो रहे आर्थिक नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा को केंद्र सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों को पूरा न किए जाने पर भी नाराजगी व्यक्त की। अन्य मांगों में मलोरना गांव में रेलवे द्वारा अधिग्रहित अतिरिक्त भूमि का मुआवजा, बरसाती पानी निकासी के लिए नाला निर्माण, जिले की जर्जर सड़कों की मरम्मत व चौड़ीकरण, खतौनी में नामों की त्रुटियां दूर करना, तहसीलों में अवैध वसूली रोकना, अघोषित बिजली कटौती बंद करना, पर्याप्त खाद-बीज उपलब्ध कराना शामिल है। पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान हो इसके अतिरिक्त, सेमरियावां ब्लॉक परिसर में इंटरलॉकिंग, नहरों के माइनरों में पानी छोड़ना, पात्र किसानों को समय से पेंशन दिलाना, दवाओं की कालाबाजारी रोकना, धरना स्थल पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और छुट्टा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान भी मांगा गया। भाकियू नेताओं ने प्रशासन से 15 दिनों के भीतर सभी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई कर यूनियन को सूचित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो किसान बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर किसान रामाशंकर यादव, राम दरस यादव, मनु प्रसाद चौधरी, विजयनाथ पाठक, इंद्रेश, ध्रुवचंद्र साहनी, करमहुसैन, रामसागर चौधरी, ब्रह्मदिन चौधरी, कुतुबुद्दीन, दयाशंकर उपाध्याय सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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