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समाजवादी पार्टी (सपा) ने बुधवार को जनपद की आदिवासी और जनसमस्याओं को लेकर सोनभद्र जिलाधिकारी को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के नाम संबोधित एक 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसका नेतृत्व सपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्य मंत्री व्यास जी गौड़ ने किया। ज्ञापन के माध्यम से सपा नेताओं ने नगवां और कोन विकासखंड के तरिया क्षेत्र में आदिवासियों की भूमि एवं जंगलों पर कथित अतिक्रमण रोकने की मांग की। उन्होंने आदिवासियों को उनकी जमीन और आवास से बेदखल न करने पर भी जोर दिया। पार्टी ने बालू एवं पत्थर खदानों में होने वाली दुर्घटनाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की। इसके साथ ही, खनन कार्य में लगे श्रमिकों के लिए एक करोड़ रुपये का जीवन बीमा कराने की भी मांग उठाई गई। व्यास जी गौड़ ने कहा कि जनपद में आदिवासी आबादी अधिक होने के बावजूद, पंचायतों और नौकरियों में जनजातियों को उनकी जनसंख्या के अनुरूप आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने पंचायतों एवं सरकारी सेवाओं में विधिसम्मत आरक्षण लागू करने की मांग की। ज्ञापन में वन भूमि पर वर्षों से निवास कर रहे आदिवासी एवं मूल निवासियों को बेदखल किए जाने पर रोक लगाने की मांग भी शामिल थी। अमवार-कनहर परियोजना से विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, किसानों के लिए पर्याप्त यूरिया एवं डीएपी खाद उपलब्ध कराने और निजी दुकानों पर खाद की कालाबाजारी रोकने की भी मांग की गई। इसके अतिरिक्त, हर घर जल योजना के तहत खोदी गई सड़कों की तत्काल मरम्मत कराने, पूर्व में कराए गए विकास कार्यों के शिलापट्ट बदलने पर रोक लगाने तथा अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने की मांग भी उठाई गई। सपा नेताओं ने सरकारी विद्यालयों को बंद किए जाने का विरोध करते हुए आदिवासी बहुल जिले में शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विद्यालयों का संचालन जारी रखने की अपील की। सपा ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी जनआंदोलन करने को बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान सपा जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव, पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा,राजेंद्र सिंह पटेल,रमेश चंद्र दुबे, रविंद्र बहादुर सिंह पटेल,आजाद राय, मोहम्मद शईद कुरैशी सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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