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बरेली में शिक्षक एमएलसी चुनाव का प्रचार तेज हो गया है। शनिवार को आईएमए हॉल में आयोजित भाजपा के शिक्षक सम्मेलन में प्रत्याशी डॉ. हरि सिंह ढिल्लों ने मंच से कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने माध्यमिक शिक्षा विभाग में “एक रुपए का भी भ्रष्टाचार नहीं होने दिया।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि नौ जिलों में कोई अधिकारी किसी शिक्षक या प्रबंधक से एक रुपया भी मांगे तो सीधे उन्हें फोन कराया जाए। ढिल्लों ने दावा किया कि उन्होंने कई “फर्जी जांच” रुकवाईं, सेल्फ फाइनेंस स्कूलों को राहत दिलाई और आगे सत्ता में आने पर शिक्षकों की सुरक्षा के लिए अलग एजुकेशन एक्ट लाने का प्रयास करेंगे। बोले- न खाएंगे, न खाने देंगे
डॉ. ढिल्लों ने कहा कि उन्होंने पहले भी कहा था “न खाएंगे, न खाने देंगे” और उसी संकल्प के साथ काम किया। उन्होंने दावा किया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में पहले अनुमति और अन्य कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार होता था, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है। यदि कोई अधिकारी किसी भी काम के लिए पैसे मांगता है तो शिक्षक सीधे उन्हें सूचना दें। 54-63 कॉलेजों की जांच एक फोन पर रुकवाई
उन्होंने कहा कि पिछली बार 54 से 63 कॉलेजों की जांच कराई जा रही थी। उन्हें जानकारी मिली तो उन्होंने अधिकारियों से बात कर जांच रुकवा दी। उनका कहना था कि यह “नकली जांच” थी और इससे शिक्षण संस्थानों को बेवजह परेशान किया जा रहा था। सेल्फ फाइनेंस स्कूलों को दिलाई कई सुविधाएं
ढिल्लों ने कहा कि उनके प्रयासों से सेल्फ फाइनेंस स्कूलों को कई सुविधाएं मिलीं। पहले इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों को केंद्र व्यवस्थापक नहीं बनाया जाता था, लेकिन उन्होंने उन्हें भी यह जिम्मेदारी दिलाई। प्रैक्टिकल परीक्षाओं में भी सेल्फ फाइनेंस संस्थानों की भागीदारी बढ़ाई गई। आयुष्मान योजना में शिक्षकों को जोड़ने का दावा
उन्होंने कहा कि विधान परिषद में उन्होंने आवाज उठाई कि यदि शिक्षामित्रों को आयुष्मान योजना का लाभ मिल सकता है तो सहायता प्राप्त और सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षक क्यों नहीं। सरकार ने उनकी मांग स्वीकार की और अब ऐसे शिक्षकों को भी पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर इस योजना को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है, लेकिन सभी पात्र शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। राज्य अध्यापक पुरस्कार में पहली बार मिला मौका
ढिल्लों ने कहा कि पहली बार सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार का लाभ मिला। उन्होंने यह भी कहा कि मानदेय से जुड़े मामलों में सरकार जल्द नया आदेश जारी करेगी, जिससे कई शिक्षकों को राहत मिलेगी। विजिलेंस जांच भी रुकवाने का दावा
उन्होंने कहा कि सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों की वर्षों पुरानी नियुक्तियों की विजिलेंस जांच कराई जा रही थी। उन्होंने प्रमुख सचिव और अधिकारियों से बातचीत कर यह जांच रुकवाई। उनका कहना था कि इससे हजारों शिक्षकों को अनावश्यक आर्थिक और मानसिक परेशानी से बचाया गया। जर्जर स्कूलों के लिए प्रोजेक्ट अलंकार का जिक्र
उन्होंने कहा कि पुराने और जर्जर स्कूलों की इमारतों के लिए सरकार ने प्रोजेक्ट अलंकार योजना शुरू की। इसके तहत 25 प्रतिशत राशि प्रबंधक और 75 प्रतिशत सरकार देती है, जिससे स्कूलों का विकास हो सके। शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एजुकेशन एक्ट लाने की बात
ढिल्लों ने कहा कि शिक्षक और शिक्षण संस्थान लगातार दबाव में रहते हैं। उन्होंने सरकार से शिक्षकों की सुरक्षा के लिए अलग एजुकेशन एक्ट बनाने की मांग की है। उनका कहना था कि मेडिकल और एससी-एसटी एक्ट की तरह शिक्षकों के सम्मान और सुरक्षा के लिए भी अलग कानून होना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में समिति बन चुकी है और जल्द आगे की कार्रवाई होगी। गृहकर, जलकर, टोल टैक्स और बिजली दरों में राहत का वादा
उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों को गृहकर और जलकर से राहत मिलनी चाहिए। स्कूल वाहनों को टोल टैक्स से मुक्त करने और व्यावसायिक बिजली दरों की जगह रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में स्कूलों में सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने की योजना भी बनाई जा रही है। स्कूलों में लाइट और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का दावा
ढिल्लों ने कहा कि उन्होंने करीब 90 से 95 प्रतिशत स्कूलों में हाईमास्ट लाइट लगवाने का काम कराया है। अगली बार मौका मिलने पर सभी स्कूलों में शुद्ध पेयजल और प्याऊ की व्यवस्था कराने का प्रयास करेंगे। शुल्क संबंधी नोटिस पर बोले- घबराने की जरूरत नहीं
उन्होंने कहा कि हाल में स्कूलों को शुल्क से जुड़े जो नोटिस मिले हैं, उनसे किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। यह केवल विभिन्न बोर्डों की फीस का तुलनात्मक अध्ययन है। किसी भी स्कूल के खिलाफ जांच नहीं होगी। यदि किसी को परेशानी हो तो वह सीधे उनसे संपर्क करे। फोन नहीं उठे तो पहले से मांगी माफी
अपने संबोधन के अंत में ढिल्लों ने कहा कि चुनाव के दौरान व्यस्तता के कारण यदि किसी का फोन नहीं उठा या किसी का सम्मान करने में कमी रह गई हो तो इसके लिए वह पहले से क्षमा चाहते हैं। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि चार महीने की चुनावी व्यस्तता के बजाय उनके साढ़े पांच साल के कार्यकाल को देखें और एक बार फिर उन्हें सेवा का अवसर दें। ये रहे मौजूद
सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह, वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार, भाजपा के सांसद छत्रपाल गंगवार, विधायक, मेयर डॉ उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल सहित पार्टी के कई जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षण संस्थानों के प्रबंधक भी सम्मेलन में शामिल हुए। पूरा आईएमए हॉल शिक्षकों से खचाखच भरा रहा।
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