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वाराणसी में पिछले 36 घंटे से आसमान में बादल छाए रहने के बावजूद बारिश नहीं होने से लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि हवा की गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा रही। वहीं, वातावरण में नमी 62 प्रतिशत रहने के कारण दिनभर उमस बनी रही और लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल सकी। 40% कम हुई बारिश मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी में 1 जून से 10 जुलाई के बीच केवल 113.5 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से लगभग 40 प्रतिशत कम है। बारिश की कमी का असर सिर्फ आम जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि खेती-किसानी पर भी साफ दिखाई देने लगा है। अगले तीन दिन छाए रहेंगे बादल मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अगले तीन से चार दिनों तक वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। उन्होंने बताया कि मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे सक्रिय हो रही हैं और आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं। यदि अनुमान के अनुसार बारिश होती है तो तापमान में गिरावट आएगी और उमस से राहत मिलेगी। धान की रोपाई कर रहे किसान बारिश की कमी से जिले के किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस समय धान की रोपाई का कार्य तेजी से चलना चाहिए, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में खेतों में पानी की कमी बनी हुई है। जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं, वे ट्यूबवेल और पंपसेट के सहारे रोपाई कर रहे हैं, जबकि छोटे और सीमांत किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर पर्याप्त वर्षा होने से धान की फसल को बड़ा लाभ मिलेगा और उत्पादन पर पड़ने वाले संभावित असर को कम किया जा सकेगा। इसके अलावा सब्जी और दलहन की फसलों को भी बारिश का लाभ मिलेगा। नगर निगम ने 18 ऐसे स्थान किया चिन्हित इधर, मानसून को देखते हुए नगर निगम ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि निगम ने चार महीने पहले से ही मानसून की तैयारियां शुरू कर दी थीं। शहर के छोटे-बड़े करीब 400 नालों की सफाई और उनमें से निकली सिल्ट हटाने का कार्य पूरी तरह पूरा कर लिया गया है। बीते दो दिनों की बारिश के दौरान नगर निगम ने अंधरापुल, गुरुधाम, नगवां, अस्सी, सिर गोवर्धन और सरैया सहित शहर के 18 ऐसे स्थान चिन्हित किए हैं, जहां जलभराव की समस्या सामने आई। इन स्थानों पर पानी निकासी के लिए पंप उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि भारी बारिश की स्थिति में जलजमाव को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके।



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