प्रथम चौधरी | गाजियाबाद1 मिनट पहले
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गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने नशीली कफ सिरप तस्करी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में वर्ष 2025 में पकड़ी गई 1,150 पेटी कफ सिरप की तस्करी के आरोप में विभोर राणा और विशाल सिंह को PIT-NDPS Act, 1988 के तहत 12 महीने के लिए निरुद्ध (प्रिवेंटिव डिटेंशन) किया गया है। गाजियाबाद में इस अधिनियम के तहत यह पहली कार्रवाई है।
यह मामला 11 नवंबर 2025 की रात का है, जब स्वाट टीम और नंदग्राम थाना पुलिस ने मेरठ रोड स्थित मछली गोदाम परिसर में संयुक्त अभियान चलाया था। इस दौरान चार ट्रकों में रखी 1,150 पेटी नशीली कफ सिरप बरामद की गई थी, जिसमें 850 पेटी एस्कफ और 300 पेटी फेंसिडिल कफ सिरप शामिल थीं। पुलिस ने मौके से आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके अतिरिक्त, एक क्रेटा कार, 10 मोबाइल फोन और फर्जी मोहरें भी जब्त की गईं।
इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान विभोर राणा और विशाल सिंह की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) राजकरण नैय्यर ने बताया कि जांच में पता चला कि दोनों आरोपी लंबे समय से कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में सक्रिय थे। उनके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह आशंका थी कि जमानत मिलने पर वे दोबारा ऐसी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।
इसी आशंका के मद्देनजर ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत दोनों को PIT-NDPS Act, 1988 के अंतर्गत निरुद्ध किया गया है। राजकरण नैय्यर ने यह भी बताया कि इससे पहले अपराध शाखा दोनों आरोपियों की करीब 15 करोड़ रुपये की चल एवं अचल संपत्ति भी फ्रीज कर चुकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस के अनुसार, विभोर राणा और विशाल सिंह दोनों के खिलाफ पूर्व से विभिन्न जिलों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। दोनों को पेशेवर तस्कर मानते हुए निवारक कार्रवाई की गई है। PIT-NDPS Act का उद्देश्य ऐसे आरोपियों को भविष्य में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने से रोकना है। इस अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 माह तक निरुद्ध रखा जा सकता है।


