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रामपुर में ई-रिक्शा चालक निर्मल सिंह की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। उन्हें सिविल लाइंस क्षेत्र में बेसुध अवस्था में पाया गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। शहजादनगर थाना क्षेत्र के गांव खजुरिया निवासी निर्मल सिंह सोमवार शाम करीब 7 बजे लापता हो गए थे। इसी दौरान सिविल लाइंस थाना पुलिस को वह सिविल लाइंस क्षेत्र में बेसुध मिले। पुलिस ने उन्हें तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां मंगलवार शाम लगभग 7:30 से 8 बजे के बीच उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थाना पुलिस ने मृतक के परिजनों को जानकारी दी। निर्मल सिंह की पत्नी और भाई जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे, जहां शव को पोस्टमार्टम के लिए रखा गया है। जिला अस्पताल की मोर्चरी में मौजूद मृतक की पत्नी की बहन ने बताया कि निर्मल सिंह शराब पीने के आदी थे। नशे की लत के कारण उन्होंने अपनी अधिकांश जमीन-जायदाद बेच दी थी और उन पर काफी कर्ज भी हो गया था। इसके बाद वह गांव छोड़कर पत्नी और बच्चों के साथ सिविल लाइंस क्षेत्र की गड्ढा कॉलोनी में किराये के मकान में रहने लगे थे और परिवार का खर्च चलाने के लिए ई-रिक्शा चलाते थे। मृतक अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। इनमें सबसे बड़ा बेटा आशु (11 वर्ष), आशीष (7 वर्ष), बासु (6 वर्ष) और दो वर्षीय बेटी भूमि शामिल हैं। उनकी मृत्यु के बाद परिवार के सामने आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइंस ओंकार सिंह ने बताया कि शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। बुधवार सुबह करीब 10 बजे पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।



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