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मेरठ के रेलवे रोड निवासी एक परिवार ने बेटी के ससुरालियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग उठाई है। मंगलवार को बुलाई गई प्रेसवार्ता के दौरान पीड़िता युवती ने आपबीती सुनाई और आरोपी ससुरालियों पर सख्त कार्रवाई की अपील की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो रही है। जबकि उनकी बेटी को घुमाने के बहाने वियतनाम ले जाकर मारने की साजिश भी रची गई। रेलवे रोड थाना क्षेत्र के देवपुरी में रहने वाले राजेश अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी सलोनी अरोड़ा की शादी 4 जून 2025 को शक्तिनगर केसरगंज निवासी आशीष पसरीचा से की थी। राजेश का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष ने उनकी बेटी सलोनी को परेशान करना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उत्पीड़न बढ़ता चला गया और मारपीट की जाने लगी। समझौता वार्ता में किया हमले का प्रयास
सलोनी के पिता राजेश ने बताया कि बेटी से विवाद की जानकारी मिलने के बाद वह 16 अक्टूबर, 2025 को उसकी ससुराल पहुंचे। उन्होंने ससुराल पक्ष को समझने का प्रयास किया तो वह उनके साथ भी अभद्रता, गाली गलौज पर उतर आए और हमले का प्रयास किया। उनके सामने ही सलोनी से जबरदस्त मारपीट की गई। किसी तरह मामला शांत हुआ और वह अपनी बेटी को लेकर घर लौट गए। वियतनाम ले जाकर मारने का प्रयास
प्रेस वार्ता में मौजूद सलोनी ने बताया कि दोनों परिवारों में तनाव बढ़ चुका था। वह अभी तक मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे थे। इस बीच उसके पति आशीष ने उसे वियतनाम घुमाने का ऑफर दिया। उन्हें उम्मीद थी कि शायद स्थिति सुधर जाएगी, इसलिए वह अपने पति के साथ 10 जून, 2026 को वियतनाम चली गई। वियतनाम में किया जानलेवा हमला
सलोनी ने बताया कि वह वियतनाम में एक होटल में रुके थे। इसी दौरान आशीष ने उसे बेल्ट से पीटा। उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की। यही नहीं उसकी गर्दन पर किसी भारी चीज से प्रहार किया, जिसमें उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। इसके बाद आशीष उसे छोड़कर चला गया। होटल स्टाफ की मदद से वह अस्पताल पहुंची और अपना इलाज कराया। अस्पताल की तरफ से आशीष को फोन किया गया लेकिन वह नहीं पहुंचा। गर्दन की नसों में आई गंभीर चोट
सलोनी ने बताया कि अपने साथ हुई घटना के बाद वह भारत वापस आ गई। उसके पिता 18 जून को उसे नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल लेकर पहुंचे जहां जांच में पता चला कि उसकी गर्दन की C6 और C7 स्तर की नसें चोटिल हो गई हैं। यह चोट उसे मारपीट के कारण आई है। 21 जून को वह दोबारा अपने ससुराल पहुंच गई लेकिन वहां उसे अपमानित और प्रताड़ित किया जाता रहा। ससुराल में फिर हुआ जानलेवा हमला
सलोनी ने बताया कि 26 जून को आशीष ने उसे पर जानलेवा हमला किया और उसका मोबाइल छीन लिया। अगले दिन ससुराल पक्ष के लोगों ने मिलकर उसके साथ मारपीट की। थप्पड़ मारे गए। पेट में लात मारी गई। किसी तरह उसने अपना मोबाइल फोन प्राप्त किया और पुलिस को 112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद उसके परिवार को भी बुला लिया गया। पुलिस ने शिकायत नहीं सुनी तो अफसरों से शिकायत की जिनके निर्देश पर आशीष पसरीचा, ससुर सोमी पसरीचा, सास उषा के अलावा सोमी पसरीचा के दोस्त शालू गुप्ता के विरूद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। परिवार बोला- आरोपियों की गिरफ्तारी हो
पिता राजेश अरोड़ा ने कहा कि आशीष और उसके परिवार ने कई बार उनकी बेटी को मारने का प्रयास किया। उनकी बेटी के सभी डॉक्टरी डॉक्युमेंट उनके पास हैं जो इस अपराध की गवाही दे रहे हैं। अफसरों के निर्देश पर मुकदमा भी पंजीकृत हो चुका है लेकिन पुलिस ने एक भी आरोपी को अभी तक इस मामले में गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने मांग की कि सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।



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