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सॉस, जैम, जेली और चटनी में मिलावट के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया। गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से चलाए गए अभियान में चटनी प्रोडक्ट की बिक्री करने वाली एक दुकान को सील कर दिया गया। इसी तरह खाद्य लाइसेंस एक्सपायर होने पर एक प्रतिष्ठान के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभाग की ओर से दो दिनों तक चलाए गए अभियान में 8 नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि डीएम के निर्देश पर दो दिनों तक विशेष जांच अभियान चलाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी महानगर के लालडिग्गी स्थित साईं चटनी प्रोडक्ट नाम के प्रतिष्ठान पर पहुंचे। वहां मिलावट की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो प्रतिष्ठान बंद मिला। संचालक को बुलाया गया तो वह नहीं आया। जिसके बाद प्रतिष्ठान को सील कर दिया गया। इसी तरह टीम राप्तीनगर स्थित ब्लिंकिट स्टोर पर जांच करने पहुंची। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहां का खाद्य लाइसेंस एक्सपायर हो चुका है। इस अनियमितता के कारण संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस स्टोर से गुणवत्ता की जांच के लिए अलग-अलग ब्रांडों के 4 नमूने संग्रहित किए गए हैं। जांच टीम ने सहजनवां क्षेत्र के प्रतिष्ठान से रॉयल सवेरा सॉस का 1 नमूना लिया। गौरव फूड भंडार का निरीक्षण किया गया और वहां से सॉस और मेयोनीज के 2 नमूने लिए गए। इसी तरह ओम फूड प्रोडक्ट्स से मिश्रित अचार का एक नमूना लिया गया।
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा ने बताया कि सभी नमूनों को जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित कारोबारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जानिए, इन खाद्य पदार्थों में क्या मिलाते हैं
सहायक आयुक्त ने बताया कि बाजार में बिकने वाले सॉस, जैम, जेली व चटनी जैसे उत्पादों में मुनाफाखोरी के लिए कई बार मिलावट की जाती है। इसमें अक्सर सड़े-गले टमाटर, कद्दू या पपीते के गूदे का इस्तेमाल किया जाता है। उत्पादों को अधिक लाल और गाढ़ा बनाने के लिए हानिकारक अखाद्य रंगों, सस्ते स्टार्च और सिंथेटिक थिकनर जैसी चीजों की मिलावट की जाती है। इसके साथ ही उत्पाद को खराब होने से बचाने के लिए अत्यधिक रसायन प्रिजर्वेटिव का प्रयोग किया जाता है। ​खरीदते समय बरतें ये सावधानियां
​सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. सुधीर कुमार सिंह ने लोगों से अपील की है कि ऐसे उत्पाद खरीदते समय सावधानी जरूर बरतें। उन्होंने कहा कि उत्पाद के लेबल पर 14 अंकों का वैध FSSAI लाइसेंस नंबर अवश्य देखें। हमेशा उत्पाद की निर्माण तिथि और एक्सपायरी तिथि जांच कर ही उसे खरीदें। यदि बोतल या डिब्बा फूला हुआ हो, लीक कर रहा हो या ढक्कन पर जंग लगी हो तो उसे बिल्कुल ही न खरीदें। यदि सॉस या जैम का रंग असामान्य रूप से बहुत अधिक गहरा या चमकदार लाल हो तो यह हानिकारक रासायनिक रंगों की मिलावट का संकेत हो सकता है।
सहायक आयुक्त ने कहा कि आम जनमानस को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिलावटखोरों एवं बिना वैध लाइसेंस के खाद्य कारोबार करने वालों के विरुद्ध यह सघन अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को मिलावट का संदेह हो तो वे बेझिझक विभाग को सूचित कर सकते हैं।



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