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बिजनौर में रेहड़ थानाक्षेत्र में करीब साढ़े 7 साल पुराने मारपीट मामले में एससी/एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह ने चार सगे भाइयों को दोषी ठहराया। अदालत ने मंगलवार को ऋषिपाल, रिंकू, रघुवीर और खेम सिंह को तीन-तीन साल की कैद और 26 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक शलभ शर्मा ने बताया कि यह मामला 19 नवंबर 2018 का है। रेहड़ थानाक्षेत्र के जस्सुजोत गांव निवासी नैन सिंह पुत्र केवल सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उस शाम वह अपने खेत की जमीन जोत रहे थे, तभी उनके खेत में रखी लकड़ियों की एक गड्डी गलती से आरोपियों के खेत में गिर गई थी। इसी बात से नाराज होकर गांव के राम सिंह के बेटे ऋषिपाल, रिंकू, रघुवीर और खेम सिंह ने नैन सिंह के घर में घुसकर तोड़फोड़ की। जब नैन सिंह की पत्नी चंद्रो देवी, बेटी संजीता और बेटे ऋषिपाल ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और किसी भी कार्रवाई पर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। रेहड़ पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर घायलों का इलाज कराया। तत्कालीन सीओ अफजलगढ़ कृपा शंकर कनौजिया ने मामले की गहनता से जांच की। चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अदालत ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए सबूतों को पर्याप्त मानते हुए चारों भाइयों को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।
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